इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच भारत में सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। इन चर्चाओं पर अब केंद्र सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए पूरी स्थिति साफ कर दी है।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और इस तरह की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
मंत्री का साफ बयान, अफवाहों पर लगाई रोक
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में लॉकडाउन लगाए जाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्री ने भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि संकट के समय इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क
वैश्विक हालात को देखते हुए कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन पर नजर बनाए हुए है। देश की ऊर्जा जरूरतों को लेकर कोई तत्काल संकट नहीं है।
मंत्री के अनुसार, घरेलू तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। साथ ही देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
महंगाई से राहत देने के लिए उठाए गए कदम
हरदीप सिंह पुरी ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने आम जनता पर बोझ कम रखने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति पर दबाव स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया, ताकि वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर कम से कम पड़े।
घबराहट से बचें, हालात नियंत्रण में
सरकार के इस स्पष्ट बयान के बाद यह साफ हो गया है कि देश में लॉकडाउन को लेकर चल रही चर्चाएं पूरी तरह अफवाह हैं। ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों को लेकर स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और सरकार हर स्तर पर हालात पर नजर रखे हुए है।
